GST क्या है, GST की फुल फॉर्म व् प्रकार, लाभ एवं समस्त जानकारी

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इसमें लिखे गए विभिन्न पैराग्राफ आपको इस बात का ज्ञान प्रदान करेंगे की किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में सुधार करने में GST किस तरह से अपना योगदान देती है।  इसके प्रकार तथा उनको विस्तार से वर्णन करेंगे।

जिससे जीएसटी को और अधिक समझने में सहायता मिलती है और देश के बाहर तथा देश में उत्पाद को बेचते समय कब और कौन सी जीएसटी को लगाना चाहिए तथा किसी भी उत्पाद पर सरकार द्वारा निर्धारित कितनी जीएसटी लगाई जा सकती है।

और जीएसटी जैसी पॉलिसी किस देश तथा पहले इसकी शुरूआत किसने की और इसको देश में लगाने से देश की अर्थव्यवस्था में सुधार कैसे होता है।

जीएसटी का कितने देश में उपयोग किया जाता है और विक्रेता कितने प्रकार के होते हैं, तथा यह ज़रूरी क्यों है इन सभी बिन्दुओं पर नज़र डालेंगे और आपके ज्ञान को और भी अधिक बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

GST क्या है अथवा GST से आप क्या समझते हैं ?

GST वह कर राशी होती हैं।

जो विभिन्न प्रकार के विक्रेता द्वारा उत्पाद पर लगने वाला निर्धारित कर के रूप में ग्राहक द्वारा प्राप्त राशी होती हैं।

जिसे न केवल अमीर या गरीब किसी एक पर लगाया जाता है बल्कि देश में रहने वाले सभी देशवासियों के लिए होता है।

जब वे किसी भी तरह का सामान खरीदते हैं और खरीद के साथ-साथ उस सामान पर सरकार द्वारा लगी जीएसटी को भी भरना होता है जीएसटी वह अर्थवेवस्था सुधार राशी होती हैं।

जो हर देश को संचालित करने में सक्षम बनाती हैं।

GST की फुल फॉर्म क्या है।

GST का पूरा नाम Goods and Service tax है।

जिसका मतलब होता है माल की सेवा।

सबसे पहले GST की शुरुआत किस देश में हुआ ?

1954 में टैक्स की विक्रेता द्वारा उत्पाद में चोरी को रोकने के लिए फ्रांस में सबसे पहले GST पॉलिसी लागू की गई थी।

जिसमें देखा गया की किसी देश GST पॉलिसी लागू करने के भिन्न फायदे होते है।

जैसे अर्थवेवस्था में सुधार और काला धन राशी से देश की सुरक्षा।

GST के प्रकार है :

जैसा की GST को चार भागों में बाँटा गया है।

  1. CGST – इसे हिंदी में केन्द्र वस्तु या सेवा कर के नाम से जाना जाता है।
  2. SGT –   इसे हिंदी में राज्य वस्तु या सेवा कर कहा जाता हैं।
  3. IGST-  इसे हिंदी में एकीकृत वस्तु या सेवा कर कहते हैं।
  4. UGST – इसे हिंदी में यूनियन टेरिटरी वस्तु या सेवा कर कहते हैं।

CGST क्या है ?

CGST वह जीएसटी है जिसके द्वारा प्राप्त कर केंद्र को दिया जाता है। CGST की फुल फॉर्म central goods and services होती है।

SGT क्या है ?

यस.जी.टी उस लगाए गए कर को कहते है क्योंकि यह कर सीधे राज्य को दिया जाता हैं।

SGT की फुल फॉर्म State goods and services tax होती है।

IGST क्या है ?

आईजीएसटी वह कर है जो राज्य और केन्द्र दोनों का टैक्स होता है उसे IGST कहते हैं।

IGST की फुल फॉर्म integrated goods and Services tax होती है।

UGST क्या है ?

यू.जी.एस. टी उसे कहते हैं जब दो राज्य के व्यापारियों के बीच माल का सौदा होता है उस पर लगने वाला कर UGST के नाम से जाना जाता है।  UGST की फुल फॉर्म Union Territory Goods and service है।

भारत में GST का निर्माण :

विक्रेता और ग्राहक दोनों को परेशानी का सामना न करना पड़े किसके लिए एक समिती की स्थापना की गई थी। जब केंद्रीय वितमंत्री द्वारा 2008 में केंद्रीय बजट प्रतुत किया गया था उस समय उन्होंने GST को लागू करने की तारीख को बताया।

1 अप्रैल 2010 को परंतु और अन्य पार्टियों की असहमति की वजह से GST की तारीख को टाला गया और दूसरी तारीख जब एनडीए सरकार द्वारा GST के बिल को 19 दिसम्बर 2014 में प्रस्तुत किया गया तथा उस समय तारीख 6 मई 2015 को इस बिल को मंजूरी दी गई।

और 14 मई 2015 को GST के बिल को सांसद के दोनों सदनों की समिती के सामने प्रस्तुत किया और समिती की मंजूरी के बाद राज्य सभा ने 3 अगस्त 2016 को यह बिल पारित किया था।

कई राज्य की मंजूरी और देश के राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर 2017 को जीएसटी को पूर्ण रूप से लागू किया गया था। 01 जुलाई 2017 को GST के विभिन्न रूपों को लागू किया जैसे :- IGST, CGST, SGT, UGST आदि।

भारत में GST सबसे पहले किस राज्य में लागू हुई थी ?

जीएसटी को सबसे पहले असम राज्य में 12 अगस्त 2016 में और दिन शुक्रवार राज्य की विधानसभा द्वारा सबकी सहमति से लागू किया गया था। तथा उस समय असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल थे।

GST कितने देश में लागू है ?

GST को कुल 160 से अधिक देशों ने GST की इस पोलिसी को अपनाया था।

देश में GST होने के लाभ ?

जीएसटी किसी देश या देश में स्थाई रूप से रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी होती है।

आइए जानें कैसे ?

  • किसी भी प्रकार के विक्रेता को बाजार में प्रवेश कराने में GST का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है।
  • भारत जैसे देश में बाहर के देशों द्वारा निवेश GST में लाभकारी होता है।
  • माल को लाने और ले जानें में बढ़ोतरी।
  • सबसे लोकप्रिय और महतवपूर्ण बात की देश में सामान की कीमत सबके लिए एक जैसी होना।

GST को लागू करने में भारत का स्थान :

माने तो जीएसटी को 160 से ज्यादा देशों ने लागू किया है पर भारत का जीएसटी का जीएसटी लागू करने का स्थान 161 पर आता है।

विक्रेता के प्रकार और GST :

  • Regular dealer
  • Composition dealer
  • Consumer dealer
  • Unregister dealer

हम सिर्फ़ महत्त्वपूर्ण विक्रेता के बारे में जानेंगे जैसे-

Regular dealer :

Regular dealer वे डीलर होते हैं जो राज्य के बाहर जाकर समान को बेच सकते हैं। तथा Regular dealer में उत्पाद के अनुसार GST की परसेंटेज होती हैं।

Composition dealer :

Composition dealer उन डीलर को कहते हैं जो सिर्फ स्थाई राज्य मैं सामान को सेल कर सकते है परन्तु अन्य राज्य मैं सामान को नहीं बेच सकते और इनके अनुसार सामान पर लगने वाली GST 1, 3, 5 प्रतिशत होती हैं।

निष्कर्ष  :

अगर आपने पूरी जानकारी को ध्यान से पढ़ा होगा तो।

आपको पता चलता है कि भारत की कितने देशों से पीछे है।

क्योंकि फ्रांस देश ने जीएसटी को 1954 में लागू कर दिया था और उसके बाद कई देशों ने इसे अपनाया परन्तु भारत में यह 2014 में लाई गई फिर भी इसके संशोधन और पूर्ण रूप से लागू करते करते यह 2017 को लागू हो पाई इससे पता लगाया जा सकता है कि भारत इन मामलों में कितना पीछे है।

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अंतिम शब्द :

आशा करता हूँ की आपको GST क्या है की सम्पूर्ण जानकारी सही लगी होगी।

सही लगे तो दोस्तों को भेजें।

कोई प्रश्न है तो हमें कमेंट करें।

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