Cheque ( चेक ) क्या है? परिभाषा, प्रकार, विशेषता एवं सम्पूर्ण जानकारी

Cheque

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से Cheque से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करेंगे।

तथा आपको उन सभी महत्वपूर्ण जानकारी से परिचित कराएंगे जिन्हें जानने के बाद आपको Cheque भरते समय सावधानी बरतनी चाहिए तथा चेक को भरने की प्रक्रिया और चेक कितने प्रकार के होते हैं इन सभी बिंदुओं पर बारी-बारी से नजर डालेंगे।

Cheque क्या है ?

चेक एक तरह का हार्ड कॉपी दस्तावेज होता है जो बैंक को यह निर्धारित करता है कि उस चेक में लिखी धनराशि जोकि चेक के लेखक के खाते से दूसरे व्यक्ति को बिना किसी शर्त के उपलब्ध करा दी जाए।

इस दस्तावेज में चेक के मालिक के हस्ताक्षर तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी चेक के मालिक द्वारा लिखी होती है जो किसी अन्य व्यक्ति को चेक के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जिस कारण उपभोक्ता धनराशि प्राप्त कर पाता है।

चेक की परिभाषा:

धारा 6 के अनुसार चेक एक विनिमय विपत्र है।

जो किसी बैंक पर लिखा जाता है मांग पर भुगतान में योग्य होता है इसमें इलेक्ट्रॉनिक छवि चेक जो इलेक्ट्रॉनिक रूप में है वह भी शामिल है।

चेक के कितने पक्षकार होते हैं?

चेक के कुल 3 पक्षकार  होते हैं इनका मैंने नीचे विस्तार से वर्णन किया है।

1. लेखक पक्षकार-

लेखक वह व्यक्ति होता है जो चेक को लिखने का कार्य करता है तथा जिसके खाते से धन राशि भुगतान की जाती है इसे अहर्ता के नाम से भी संबोधित किया जाता है।

बैंक पक्षकार-

पक्षकार होता है जो चेक लेखक यानी धनराशि भुगतान करता के माध्यम से जिसे धनराशि को भुगतान करने का आदेश दिया जाता है जो लेखक के आदेश पर वह राशि दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराती है इस पक्षकार को आहारयी के नाम से भी जाना जाता है।

भुगतान प्राप्तकर्ता अक्षकार-

भुगतान प्राप्तकर्ता पक्षकार वह व्यक्ति होता है जिसे बैंक से चेक पर लिखी गई धनराशि प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त होता है जो बैंक जाकर यह राशि प्राप्त कर सकता है।

चेक की विशेषतायें :

  1. Cheque एक विनिमय विपत्र होता है।
  2. चेक में किसी भी प्रकार की शर्त नहीं होती।
  3. इस पर लेखक के हस्ताक्षर होते हैं जिससे भुगतान प्राप्त करने में आसानी होती है।
  4. इसमें लिखी धनराशि का भुगतान सिर्फ उसमें लिखे नाम के व्यक्ति को ही उपलब्ध होती है।
  5. चेक को मांगने पर उपलब्ध कराया जाता है।
  6. चेक में लिखी धनराशि दो-तीन दिन के बाद प्रक्रिया को पूर्ण रूप से करने पर उपलब्ध कराई जाती है।

Cheque के प्रकार:

चेक के मुख्य रूप से तीन प्रकार होते हैं-

खुला चेक –

  • यह वह चेक होता है जो बैंक में जाकर तत्काल भरकर बैंक के काउंटर पर तुरंत प्राप्त किया जाता है उसे खुला चेक कहते हैं।

बेयरर चेक –

यह वह चेक होता है जिसके पीछे किसी भी तरह की हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होती तथा यह खाता धारक उपभोक्ता के माध्यम से बैंक में जाकर किसी को प्राप्त कर सकते हैं तथा बेयरर चेक बहुत ही जोखिम चेक होता है क्योंकि इसके किसी के हाथ लगने पर धनराशि निकाली जा सकती है।

क्रॉस्ड चेक-

यह एकमात्र ऐसा चेक होता है जिसकी बायी और दो लाइन खींच दी जाती है जिससे & CO.” or “Account Payee” or “Not Negotiable” नहीं लिखा जा सकता और इस चेक से नगद भुगतान प्राप्त नहीं होता तथा इसमें धनराशि इसमें लिखे नाम के व्यक्ति को ही उपलब्ध कराई जाती है।

चेक भरने के दौरान महत्वपूर्ण बातें-

  • चेक भरने के दौरान धारक का नाम सही से लिखें।
  • Cheque में राशि भरने के बाद किसी भी तरह से जगह को खाली ना छोड़े।
  • चेक भरते समय किसी भी तरह की गलती ना करें जिससे चेक धारक के बैंक खाते में परेशानी हो।
  • हमेसा साफ सुथरे अक्षरों में लिखें।
  • चेक को हमेसा चेकबुक से कर्मवद्ध तरीके से निकालें।

चेक बुक कैसे प्राप्त करें?

ऑनलाइन आवेदन के लिए सेंट्रल चेक बुक एप्लीकेशन डाउनलोड करें-

  • सेंट मोबाइल एप्लीकेशन को खोलें।
  • बाद में अपना रजिस्ट्रेशन करें।
  • तत्पश्चात आपको यूजर नेम और उनको भरकर आगे स्टेप को फॉलो करें।
  • बुक अप्लाई करने के लिए 24 सर्विस रिक्वेस्ट पर क्लिक करें।
  • तत्पश्चात दिए गए सभी ऑप्शन में से अप्लाई फॉर चेक पर क्लिक करें।
  • बाद में अकाउंट नंबर और ट्रांजैक्शन पिन भर कर सबमिट करें।
  • तत्पश्चात आपको 10 या 15 दिन के बाद बैंक शाखा में जाकर चेक बुक प्राप्त कर लें।

कितने दिन में क्लियर होता है?

Cheque क्लियर करने की प्रक्रिया कुल 1 दिन में हो जाती है तथा उसके बाद बैंक द्वारा आपके अकाउंट में धनराशि उपलब्ध करा दी जाती है और यदि चेक रखने वाली बैंक शाखा तथा चेक देने वाली बैंक एक ही शहर में स्थित है तो इस प्रक्रिया को लोकल क्लीयरिंग कहते हैं।

चेक से पैसे निकालने की सीमा:

  1. Cheque से पैसे निकालने की सीमा अन्य सभी बैंक निर्भर करती है कि वह एक समय में कितने पैसे निकालने की अनुमति प्रदान करती है परंतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्टेट के अनुसार आप कुल 25000 तक की धनराशि निकाल सकते हैं।

चेक की मजजूरी की सीमा:

  1. Cheque केवल तब तक वैलिड रहता है चेक में लिखी तारीख से लेकर 3 महीने तक आपके चेक की वैलिडिटी होती है यानी कि यदि आप चेक विड्रो या डिपॉजिट करना चाहते हैं तो आप 3 महीने की अवधि के दौरान कर सकते हैं।

चेक खो जाने पर क्या करें?

  1. यदि आपका चेक आपकी गलती के माध्यम से खो जाता है तो आपको अपनी बैंक शाखा में जाकर उन्हें इसके बारे में सूचित करें तथा यह निर्देश दे की उनके द्वारा दिए गए गए किसी भी चेक का भुगतान न किया जाए जब तक यह समस्या पूर्ण रूप से नहीं सुलझ जाती।
  2. तथा यदि आपका चेक बैंक के लापरवाही के कारण खो जाता है तो आप उसमें लिखी धनराशि को बैंक से प्राप्त कर सकते हैं।

चेक बाउंस क्या है? 

किसी भी बैंक द्वारा चेक को रद्द करना ही चेक बाउंस कहलाता है इसके बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे = धारक के हस्ताक्षर का न मिलना, बैंक में अकाउंट में धनराशि का उपलब्ध न होना आदि जैसी अन्य कारण हो सकते हैं तथा चेक बाउंस होने पर बैंक अपनी शाखा के अनुसार पेनल्टी लगाती है।

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अंतिम शब्द :

आशा करता हूँ की इस आर्टिकल के माध्यम से उपलब्ध कराई गए Cheque से संबंधित पूर्ण जानकारी आपको पसंद आई होगी।

तथा चेक के प्रकार के बारे में जानकारी भी प्रदान की गई है जो आपको विभिन्न प्रकार के चेक भरने में सहायता प्रदान करेगी।

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धन्यवाद।

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