Data क्या होता है? इतिहास, प्रकार एवं सम्पूर्ण जानकारी

Data

आइये इस पेज के माध्यम से हम एक और महत्वपूर्ण जानकारी पर नजर डालते है जो की Data से जुडी है।

इस टॉपिक के बारे में जानना हमारे लिए बहुत ज़रूरी है।

क्योंकि जैसा की हम जानते हे 21वी सदी में सब काम ऑनलइन के जरिये हो रहा है जो की डाटा के रूप में हमारे डिवाइस में उपलब्ध होता है जिसके प्रकार तथा महत्व के बारे में जानकारी होना हमारे लिए ज़रूरी है|

Data क्या होता है ?

डाटा वह महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होता है जिसके माध्यम से वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल संभव हो पाया है तथा डाटा को अलग-अलग रूप में पाया जाता है डाटा शब्द आते ही इसका अर्थ यह नहीं होता है की डाटा सिर्फ एक कार्यकर्ता के पास ही मौजूद होता है तथा अक्षरों, शब्दों,ऑडिओ, विडिओ, फ़ोटो, फ़ाइल सहित कई रूपों में उपलब्ध सामग्री को हम डाटा कहते है|

परन्तु डाटा के रूप में किसी भी तरह का रिकॉर्ड तथा किसी के पास मौजूद हो सकता है।

चाहे वह विद्यार्थी, सोशल वर्कर, टीचर, मैनेजर तथा एप यूजर इत्यादि इनमे से कोई भी हो हालांकि यह अलग-अलग प्रकार का होता है और डाटा को सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की सहायता से ही सेव करके नहीं रखा जाता बल्कि इसको सेव करने के निम्न तोर-तरीके उपलब्ध होते है जिनके बारे में हम नीचे चर्चा करेंगे|

डाटा का इतिहास:

क्या आपको पता है डाटा का सर्वप्रथम उपयोग 1946 में ट्रांसमिसिबल और स्टेलेबल कंप्यूटर में किया गया था तथा जब हमारे पास स्टोरेज इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण का दौर नहीं था उस वक्त लोग डाटा को संग्रहित कर लिखित रूप में किताबों,पत्रों तथा अन्य साधनों के माध्यम से डाटा को स्टोर कर के रखते थे।

डाटा के प्रकार:

अगर हम डाटा के प्रकार से संबंधित बात करें तो डाटा सिर्फ लिखित रूप में किसी भी तरह की स्क्रिप्ट नहीं होती बल्कि डाटा के निम्न रूप होते हैं जैसे-

  • एक फिल्म डायरेक्टर के पास टाटा के रूप में बहुत सारी वीडियो होती हैं यह भी एक तरह का डाटा होता हैं।
  • एक बड़े म्यूजिक डायरेक्टर के पास गाने तथा अन्य जूनियर सिंगर की आवाज में रिकॉर्ड की गई ऑडियो उपलब्ध होती हैं इसे भी हम डेटा कि श्रेणी में सकते हैं।
  • और डाटा को ऑफिस के क्षेत्र में निम्न प्रकार से रखा जाता है जैसे- एंप्लॉय डीटेल्स, सैलेरी शीट, गुड्स डाटा एवं अकाउंट्स डिटेल आदि।
  • डाटा को हम शिक्षा के क्षेत्र में भी कई प्रकार से रखते हैं चाहे वह हार्ड कॉपी के रूप में तथा सॉफ्ट कॉपी के रूप में जैसे- अटेंडेंस शीट, रिजल्ट रिकॉर्ड तथा एग्जामिनेशन से संबंधित रिकॉर्ड को डाटा के रूप में रखा जाता है।

डाटा को सेव करने के साधन:

आइए हम इस पैराग्राफ के माध्य से जानते हैं कि Data को किन दो साधनों कि सहायता से सेव किया जाता है तथा कौन सा साधन डाटा सेव करने के क्षेत्र में उपयोगी माने जाते हैं।

  • पहला Data को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से सेव कर सकते हैं जैसे- कंप्यूटर, लैपटॉप, टैब,फोन, चिप पेनड्राइव इत्यादि डाटा को सेव करने में सहायक होते है सरकार के डाटा सेव को हम सॉफ्ट कॉपी के नाम से जानते हैं ज्यादातर इस प्रकार के डाटा सेव का इस्तेमाल ऑफिस स्कूल तथा बिजनेस क्षेत्र में किया जाता है।
  • और दूसरा डाटा सेव करने का तरीका हार्ड कॉपी होता है यह फाइल तथा मस्टडू आदि के रूप संग्रहित किया जाता है तथा इन साधनों का इस्तेमाल ज्यादातर एक प्रोफेशनल वर्कर, स्कूल टीचर, स्टूडेंट साधारण व्यक्ति अपने निजी डाक्यूमेंट्स को डाटा के रूप में रखता है।

हालांकि दोनों ही डाटा को संग्रहित करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में पूर्ण होते हैं परंतु इन दोनों के इस्तेमाल करने के अपने-अपने हानि तथा लाभ भी उपस्थित हैं

उदाहरण के लिए-

  1. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में डाटा को सेव करने के पश्चात निम्न कारण वर्ष डाटा डिलीट हो सकता है जैसे फाइल का डिलीट होना, यूजर पासवर्ड सब भूल जाना इत्यादि कारण हो सकते हैं।
  2. सॉफ्ट कॉपी का इस्तेमाल डाटा सेव करने के क्षेत्र में आपको हानि तथा नुकसान दोनों पहुंच सकता है जैसे आपके द्वारा किसी भी डाक्यूमेंट्स को कहीं भी रखकर भूल जाना, सॉफ्ट कॉपी का फटना य जल जाना इत्यादि सॉफ्ट कॉपी इस्तेमाल करने से हानि हो सकती हैं।

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अंतिम शब्द:

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको डाटा से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराई हैं।

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