Digital signature : क्या है ? कैसे बनायें, प्रकार, फायदें व् सम्पूर्ण जानकारी

Digital signature

आइए इस पेज के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरने में उपयोग होने वाले एक महत्वपूर्ण विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं जिसे हम Digital signature कहते हैं।

यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है जैसा कि हम देख रहे हैं सभी कार्य डिजिटली पूर्ण से किए जाते हैं तथा उन कार्यों को विराम अवस्था देने के लिए हमें अंत में डिजिटल सिगनेचर की आवश्यकता होती है जिसको हम डिजिटल सिग्नेचर कहते है।

Digital signature क्या है ?

यह ऑनलाइन कार्य करने के दौरान एक महत्वपूर्ण सूत्र होता है।

जो कि ऑनलाइन कार्य के माध्यम में प्राप्तकर्ता को यह भरोसा दिलाता है की कार्य सही व्यक्ति के माध्यम से पूर्ण हो रहा है तथा कार्य को पूर्ण करने के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होती क्योंकि कार्य में इस्तेमाल होने वाले उन दस्तावेज पर व्यक्ति के डिजिटल सिग्नेचर होते हैं।

वह इस बात का प्रमाण होता है कि कार्यकर्ता की तरफ से सभी निजी जानकारी उपलब्ध हो चुकी है।

डिजिटल सिग्नेचर के प्रकार:

डिजिटल सिग्नेचर तीन भागों में बंटे हुए हैं जिन्हें नीचे विस्तार से बताया गया है-

  1. Cass -1 के अंतर्गत यह सिग्नेचर आते हैं DSC यह किसी भी व्यक्ति के लिए कार्यरत होता है यह सिग्नेचर देश के किसी भी माननीय व्यक्ति को प्राप्त होता है ।

यह एक ऐसा सिग्नेचर होता है जिसे देखने के बाद हमें यह प्रतीत होता है यह सिग्नेचर रियल सिगनेचर होते हैं परंतु इस सिग्नेचर के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति के हस्ताक्षर को नोट किया जाता है जो कि एक फोटो की तरह नोट करने पर प्राप्त होता है।

  1. यह सिग्नेचर class- 2 में आते हैं DSC. इसे Ministry of corporate Affairs, Sales tax तथा इन सिग्नेचर का इस्तेमाल सरकारी कार्य जैसे इनकम डिपार्टमेंट की तरह के अलग-अलग फॉर्म को भरने में उपयोग किया जाता है।
  1. class -3 यह सिग्नेचर अन्य सिग्नेचर की तुलना में सुरक्षित तथा बहुत ही ज्यादा उपयोग किए जाने वाला सिग्नेचर होता है क्योंकि यह सिग्नेचर किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है और यह सिग्नेचर अन्य डिजिटल सिग्नेचर की तुलना में सभी कार्य के लिए मान्य होता है।

डिजिटल सिग्नेचर बनाने की प्रक्रिया ?

डिजिटल सिग्नेचर बनाने के लिए आपको ई-मुद्रा एप्लीकेशन फॉर्म की आवश्यकता होती है।

क्योंकि यह आपको आवश्यक प्रक्रिया उपलब्ध कराता है जिसके माध्यम से आप डिजिटल सिगनेचर प्राप्त करते हैं डिजिटल सिग्नेचर के लिए प्राप्त दस्तावेज एक फोटो, आईडी प्रूफ तथा एड्रेस की फोटो कॉपी इन सभी को फॉर्म से लगा कर मुद्रा को देना होगा।

और तत्पश्चात मुद्रा की ओर से डाक्यूमेंट्स का पूर्ण रूप से वेरिफिकेशन करने के बाद आपको ईमेल प्राप्त होता है जिसमें आपको डिजिटल सिगनेचर प्राप्त होगा तथा उसे डाउनलोड करने की विधि और महत्वपूर्ण पासवर्ड उपलब्ध होता है।

डिजिटल सिग्नेचर कैसे काम करता है?

Digital Signature एक गणितीय योजना होती है।

जो कार्यकर्ता को यह विश्वास दिलाता है संदेश तथा कार्य किसी एक अज्ञात व्यक्ति के माध्यम से हो पा रहा है तथा वर्तमान समय में उपलब्ध कराए गए डिजिटल हस्ताक्षर किसी भी स्थिति में बदलने की संभावना नहीं होती।

डिजिटल सिग्नेचर के फायदे:

  • Digital Signature के माध्यम से असली दस्तावेज की पहचान होती है।
  • डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग कर हम दस्तावेज के असली मालिक की पहचान कर पाते हैं।
  • दस्तावेज में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से उसमें संशोधन किया जा सकता है।
  • डिजिटल हस्ताक्षर एक तरह का महत्वपूर्ण प्रमाण होता है, किया गया वह कार्य उपस्थित हस्ताक्षर व्यक्ति के द्वारा ही हुआ है जिससे वह इनकार नहीं कर सकता।
  • किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर में संशोधन नहीं किया जा सकता।

डिजिटल सिग्नेचर का वेरिफिकेशन कैसे करें?

डिजिटल सिग्नेचर वेरी फाइट करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप को ध्यानपूर्वक फॉलो करें?

  • पीडीएफ फाइल को पीडीएफ कनवर्टर में खोलें।
  • अब डिजिटल सिग्नेचर फाइल पर क्लिक कर खोलें।
  • डिजिटल सिग्नेचर फाइल को खोलने के पश्चात आप वेरिफिकेशन सिग्नेचर का चयन करें।
  • तत्पश्चात आपको वेब प्रॉपर्टीज में आपको वेरीफाई आइडेंटी का चयन करना होगा।
  • उसके बाद आपको डिजिटल सिग्नेचर में दी गई व्यक्ति की संपूर्ण जानकारी भरना होगा।
  • तत्पश्चात आपको ऐड लिस्ट पर क्लिक कर उसे बंद कर दें।
  • ऊपर दिए गए सभी चरणों को फ़ॉलो करने के बाद यदि वैलिडिटी स्टेटस में वैलिड सिग्नेचर दिखाई देता है उसके बाद क्लोज ऑप्शन का चयन करें।
  • बाद में आपको सिग्नेचर वैलिड दिखना चाहिए।
  • तत्पश्चात आपका सिग्नेचर वेरीफाई हो जाता है।

डिजिटल हस्ताक्षर में ध्यान देने योग्य बातें :

डिजिटल सिग्नेचर करने के दौरान आपको सभी दस्तावेज तथा होने वाली प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज को ध्यान से पढ़ना चाहिए उसके बाद आपको अपने डिजिटल हस्ताक्षर अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराना चाहिए।

क्योंकि 21वीं सदी में सभी प्रक्रिया तथा कार्य डिजिटली पूर्ण होते हैं और इसका फायदा उठाकर बहुत सारे हैकर्स और अन्य व्यक्ति आपके डिजिटली हस्ताक्षर को प्राप्त कर गलत इस्तेमाल का गलत फायदा उठा सकते है।

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अंतिम शब्द:

आशा करता हूँ की डिजिटल हस्ताक्षर की जानकारी आपको पसंद आई होगी

तथा डिजिटल हस्ताक्षर की संपूर्ण जानकारी आपको किसी ना किसी क्षेत्र में मदद प्रदान करेगी क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण विषय है जैसा कि हम अभी 21वी सदी में प्रवेश कर चुके हैं जहाँ पर उसकी अपनी महत्ता होती है।

यदि आपके मन में कोई प्रश्न है तो निचे कमेंट कर सकते है।

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