लाल किला क्या है और कहाँ पर है ? सम्पूर्ण जानकारी

लाल किला

लाल किला मुगल बादशाह शाहजहाँ द्वारा बनवाई गई वह विशाल तथा अद्भुत इमारत है।

यह भारत की ऐतिहासिक इमारतों में से एक है और यह वह राजा जो औपनिवेशिक राजाओं में से एक था जो भारत पर शासन करने के लिए आए हुए एक बादशाह शाहजहाँ द्वारा अपने रहने के लिए निर्माण कराया गया एक किला है।

यह बहुत ही ज्यादा एकड़ जमीन लगभग 254.67 क्षेत्रफल में बना स्मारक है जो दिखने में अति सुंदर है।

जिसने भारत के इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई है। तथा लाल किला पर हर वर्ष होने वाले राष्ट्रीय त्यौहार जैसे 15 अगस्त पर भारतीय तिरंगे का ध्वज बड़े ही उल्लास के साथ भारत के प्रधानमंत्री द्वारा फहराया जाता है।

लाल किला क्यों बनाया गया और कहाँ है ?

मुगल के बादशाह शाहजहाँ ने लाल किले का निर्माण अपने स्थाई रूप से वहाँ रहने के लिए कराया था।

जो सन 1638 में हुआ था मुगल के बादशाह शाहजहां चाहते थे कि वह अब आगरा से दिल्ली में प्रस्थान करने वाले थे और उसी दौरान मुगल के बादशाह शाहजहां ने लाल किले का निर्माण का हुक्म दिया।

इस किले का निर्माण यमुना नदी के समरूप किया हुआ है लाल किले का निर्माण मोहर्रम प्रारंभ हुआ और शाहजहां के नेतृत्व में 1648 में लाल किले के निर्माण की समाप्ति हुई, और ये भारत के दिल्ली राज्य में स्थित है।

लाल किले में हुए परिवर्तन:

शाहजहां के वंशज औरंगजेब ने बादशाह के निजी स्थल में मोतियों से बनी मस्जिद का निर्माण कराया जब मुगल साम्राज्य औरंगजेब का शासन कमजोर हुआ तथा 30 वर्ष तक लाल किला बिना किसी शासक के रहा था और जहादार शाह ने 30 वर्ष पश्चात किले पर आधिपत्य स्थापित कर लिया पर जहादार शाह की भी एक वर्ष पश्चात मृत्यु हो गई और फिर से लाल किला बिना शासक के रह गया।

लाल किले की चांदी की छत का तांबे में रुपांतरण क्यों?

जहादार शाह की मृत्यु के बाद फिर फरुक शेयर द्वारा लाल किले पर शासन शुरू हुआ फरुक शेयर के शासन काल में राज्य की स्थिति कमजोर होने के कारण लाल किला की छत जोकि चांदी की परत से पड़ी हुई थी उसे तब तांबे में परिवर्तित करवा दी गई।

बादशाहा नादिर शाह का शासन काल :

समय बीतने के साथ-साथ 1739 मे फारसी बादशाहा नादिर शाह ने मुगल बादशाह को परास्त करने के पश्चात लाल किला और मयूर पर अपना अधिपत्य जमा लिया पर इससे पहले मोहम्मद शाह का आदिपथ्य 1719 में था बादशाहा नादिर शाह ने कुछ माह शासन करने के बाद नादिर शाह उस शहर को मुगल बादशाह को राज्य शोप वापस फारस में प्रस्थान किया।

मुगलों और मराठों का समझोता:

1752 में मुगल बादशाह ने मराठों के साथ समझौता किया और मराठा को दिल्ली का सिंहासन सौंप दिया तथा जब 1758 में लाहौर पर विजय प्राप्त करने के पश्चात अहमद शाह दुर्रानी के साथ मराठों का युद्ध हुआ और मराठा तृतीय युद्ध में दुर्रानी से पराजित हुए एवं दुर्रानी का दिल्ली पर पूर्ण रूप से शासन हुआ।

10 वर्ष पश्चात शाह आलम ने मराठों की मदद से फिर से दिल्ली पर अपना शासन जमाया उसके बाद सिख ने अपना भागेल सिंह बागेवाल के ज़रिए अपना अधिपत्य जमाया।

आप देखेंगे की दिल्ली में बने सात गुरुद्वारे सीखो के द्वारा रखी गई शर्त जो की मुगलों से थी की वे तभी लाल किले पर शासन कर सकते हैं अगर वे सात गुरुद्वारे का निमार्ण करवाएंगे।

लाल किले पर अंग्रेज़ी हुकुमत:

1903 में हुए युद्ध दौरान मराठा के साथ अंग्रेजों द्वारा हुआ और युद्ध उस पर अंग्रेजों ने विजय प्राप्त कर लाल किले पर अपना अधिपत्य स्थापित किया अंग्रेजों द्वारा मुगल से सभी राज्य को अपने नेतृत्व में लिया और वह लाल किला में स्थाई रूप से रहने लगे।

बहादुर शाह द्वितीय वह व्यक्ति था जिसने अंग्रेजों से 1257 में युद्ध किया पर फिर भी वह लाल किले को अंग्रेजो से नही प्राप्त कर सके और उसके परास्त होने पर अंग्रेजों के सैनिकों ने उन्हें बंदी बना लिया।

और अंग्रेजों ने लाल किला में उपस्थित उन सभी महत्वपूर्ण वस्तु को लूट कर और अन्य लाल किले की ग्रस्थ्य चीजों को नष्ट कर दिया लॉर्ड कर्जन धारा 1899 और 1905 के बीच उन्होंने लाल किला की दीवारों और गार्डन को पुनः निर्मित कराया।

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लाल किले की महत्वपूर्ण चीजें :

नादिर शाह द्वारा आक्रमण किए जाने पर सभी धरोहर को लूट लिया गया।

ब्रिटिश म्यूजियम की शान और शौकत बढ़ाने के लिए 1897 की लड़ाई में सभी महत्वपूर्ण वस्तुओं को ब्रिटिश में भेज दिया गया उदाहरण के लिए कोहिनूर का हीरा, शाहजहां का प्याला तथा ताज जो कि अभी लंदन में उपस्थित है भारत के कई बार प्रयास करने के पश्चात भी हमे वह ब्रिटिश द्वारा वापस नहीं हुआ।

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