Computer

Computer क्या है, जानें कंप्यूटर की सम्पूर्ण जानकारी

इस पेज पर Computer की सम्पूर्ण जानकारी शेयर की गई है ।

जिसे पढ़कर आप कंप्यूटर के बारें में विस्तार से समझ सकते है इसलिए हमने सोचा इस पेज के माध्यम से आपको कंप्यूटर के बारें में बताया जायें।

इससे पहले हमने कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बनें जानकारी दी आप इसको अवश्य पढ़ें –

कंप्यूटर क्या है ?

कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो यूजर द्वारा इनपुट किए गए डाटा में प्रक्रिया करके सूचनाओ को रिजल्ट के रूप में देता है। मतलब कि कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो यूजर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करता है इसमें डाटा को स्टोर पुनर्प्राप्त और प्रोसेस करने की क्षमता होती है।

Computer की परिभाषा:

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार कंप्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है।

जैसे :-

  • डाटा को इनपुट के रूप में स्वीकार करना।
  • Data को दिए गए निर्देशों के अनुरूप प्रोसेस कर रचनाओं में बदलना।
  • डाटा और सूचना को भविष्य में उपयोग लाने के लिए स्टोर करना।
  • सूचनाओं का विश्लेषण कर आउटपुट के रूप में निर्गत करना।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है  ?

  • C= Common
  • O= Oriented
  • M= Machine
  • P= Particularly
  • U= United and used under
  • T= Technical and
  • E= Educational
  • R= Research

हिंदी में इसको संगणक भी कहते है।

कंप्यूटर सिस्टम के घटक

कंप्यूटर का प्रत्येक घटक या तो हार्डवेयर है या फिर सॉफ्टवेयर किसी भी कंप्यूटर सिस्टम के मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है –

  1. हार्डवेयर
  2. सॉफ्टवेयर
  3. डाटा
  • हार्डवेयर

कंप्यूटर मशीन का वह भाग जिसे हम देख और छू कर महसूस कर सकते है जिसे हार्डवेयर कहते है जैसे कि कीबोर्ड, माउस, सीपीयू, मॉनिटर, स्पीकर, प्रिंटर आदि।

विस्तार से समझें –

कंप्यूटर के भाग :

माउस 

Mouse

ये एक इनपुट डिवाइस है इससे हम कंप्यूटर से जोड़ते है।

माउस का आविष्कार डगलस एंगेलबर्ट ने 1968 में किया था।

माउस के तीन पार्ट्स होते है जैसे –

  • बटन –  माउस में दो बटन होते हैं। एक राइट और दूसरा लेफ्ट हैं। राइट बटन का प्रयोग फाइल को क्लोज या ओपन करने के लिए किया जाता है तथा लेफ्ट बटन का प्रयोग मेनू बार ओपन करने के लिए किया जाता है।
  • माउस व्हील – माउस के ऊपर और बीच में एक पहिए के आकार का स्क्रॉल बटन होता हैं जिसकी मदद से हम वेबपेज को स्क्रॉल करके अप और डाउन या पेज को ऊपर नीचे व्हील के माध्यम से कर सकते है।
  • बॉल लेद लेजर – माउस में बॉल तथ लेद का प्रयोग किया जाता है। जिन माउस में बॉल या रोलर का प्रयोग किया जाता हैं उन्हें मैकेनिकल माउस के नाम से जाना जाता हैं तथा जिन माउस में और लेजर लेद प्रयोग किया जाता है उन्हें ऑप्टिकल माउस कहते है इन्हीं रोलर और, लेद की वजह से ही माउस पॉइंटर को आसानी से कंप्यूटर स्क्रीन में देख पाते हैं।

की-बोर्ड

Keyboard

कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है। हिंदी में इसको कुंजीपटल भी कहते है।

इसकी मदत से हम कंप्यूटर में लिखने का काम करते है।

आइए जानते हैं कीबोर्ड में कितने बटन होते हैं और उन बटन का नाम क्या है ?

एक सामान्य की-बोर्ड में है 104 बटन होते है।

और जिनकी संख्या कीबोर्ड मैन्यू फंक्शन और ऑपरेटिंग सिस्टम पर भी निर्भर करता है इसलिए हम कह सकते हैं कि एक QWERTY कीबोर्ड लगभग 100 की होती है।

कीबोर्ड में सभी बटनों का अपना काम होता है जैसे –

  1. Function Keys
  2. Typing Keys
  3. Control Keys
  4. Navigation Keys
  5. Indicator Lights
  6. Numeric Keypad

 CPU ( सीपीयू ) 

CPU

CPU की फुल फॉर्म सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट है।

सीपीयू कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण अंग है जिसे माइक्रो-प्रोसेसर भी कहते है।

CPU कंप्यूटर के सभी सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर के इनपुट डिवाइस जोड़कर डाटा को रेस्टोर करके सेव रखता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम एवं अन्य प्रोग्रामों का संचालन करता है। इसको कम्प्यूटर का दिमाग भी कहते है।

मॉनिटर

Montor

यह सॉफ्ट कॉपी की लोकप्रिय डिवाइस है।

जो डाटा और सूचना को वीडियो आउटपुट के रूप में प्रदर्शित करता है। कंप्यूटर पर किए जाने वाले प्रत्येक कार्य की सूचना देकर यह कंप्यूटर उपयोगकर्ता के बीच सम्बन्ध स्थापित करता है।

स्पीकर 

Computer

यह एक आउटपुट डिवाइस इसका प्रयोग मल्टीमीडिया प्लेयर के साथ ध्वनि के रूप में आउटपुट की सॉफ्ट कॉपी प्रस्तुत करता है।

उसी के लिए सिस्टम में साउंड कार्ड होना जरूरी है।

साउंड कार्ड से प्राप्त विद्युत की तरंगे ध्वनि तरंगों में बदलता है। जिससे हम गाना, न्यूज़, मूवी वगेरा सुनते है और ध्वनि के रूप में अपना मनोरजनं करते है।

प्रिंटर 

Computer

आम भाषा में यहाँ पर प्रिंटर को हम आउटपुट डिवाइस कह सकते है जो सॉफ्ट कॉपी को हार्ड कॉपी में प्रिंट करके देता है। अर्थात सॉफ्ट कॉपी जो कंप्यूटर में है और हार्डकॉपी जो प्रिंटर से प्रिंट देने पर मिला है।

  • सॉफ्टवेयर

अनुदेशों और प्रोग्राम का समूह जो कंप्यूटर को यह बताता है कि उसे क्या और कैसे करना है, सॉफ्टवेयर कहलाता है।

इसलिए कंप्यूटर का हार्डवेयर सॉफ्टवेयर के अनुसार ही काम करता है।

एक ही हार्डवेयर अलग-अलग सॉफ्टवेयर निदेशकों के आधार पर अलग-अलग कार्य कर सकता है सॉफ्टवेयर हम छू नहीं सकते और न ही भौतिक रूप से देख सकते हैं।

  • डाटा –

डाटा कच्चे तथ्य और सूचनाओं का अवस्थित संकलन है जिसे कोई सार्थक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

Data को दो प्रकार में विभाजित किया गया है-

संख्यानात्मक डाटा यह एक संख्यात्मक है जिसमे 0, 1, 2, 3, 4, 5…..,9 तक अंक होते है।

चिन्हात्मक डाटा   इसमें अक्षरों, अंकों का प्रयोग होता है।

कंप्यूटर की विशेषता क्या है  ?

में पिछले सात सालों से HR डिपार्टमेंट में काम कर रहा हूँ।

और कंप्यूटर की कही सारि विषेशताओं के बारें में मुझे ज्ञात है जिन्हे में आपके सामने रख रहा हूँ।

आप हमारे नीचे दिये हुए स्टेप को अवश्य पढ़ें जिससे आपको कंप्यूटर की कार्य एवं विषेशताओं के बारें पता चल सकें।

विशेषतायें :

  • कंप्यूटर में हम एक बार में कही काम कर सकते है जिससे समय की बचत होती है।
  • कम्प्यूटर एक स्वचालित मशीन है इसमें मानवीय हस्तक्षेप में गलती कोई गुंजाइस नहीं होती।
  • यदि कंप्यूटर में काम करते वक्त कोई गलती होती है तो इसमें कंप्यूटर का कोई दोष नहीं है, बल्कि मानवीय गलती हो सकती है।
  • कम्प्यूटर में प्रयुक्त मेमोरी को डाटा, सूचना और निर्देशों के स्थाई भंडारण के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • Computer के बाह और आंतरिक संग्रह माध्यमों में असीमित डाटा और सूचनाओं का संग्रहण किया जाता है।
  • कंप्यूटर के प्रयोग से हम एक स्थान से दूसरे स्थान तुरंत सूचना भेज सकते है।

विशेषतायें :

  • कंप्यूटर की मदत से हम ऑफिस या अन्य कार्य को आसानी से कर सकते है।
  • कंप्यूटर एक मशीन है इसको थकान या बोरिंग नहीं होता और एक साथ कई प्रकार के काम करने में एक्सपर्ट होता है।
  • कम्प्यूटर में यदि सही पासवर्ड का प्रयोग है तो कार्य को सेफ रखा जा सकता है।
  • कंप्यूटर प्रोसेस के बाद सही और भरोसेमंद परिणाम देता है तथा गलती की संभावना ना के बराबर होती है।
  • कम्प्यूटर में यदि कागज का प्रयोग सही करें तो प्रयावरण को नुकसान होने से बचाया जा सकता है।

कंप्यूटर की सीमा के बारें जानें :

  • कंप्यूटर में स्वयं की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता नहीं है केवल वह दिए गए दिशा-निर्देशों के अंदर ही कार्य करता है।
  • कम्प्यूटर को हर साल में एक बार सर्विस करना अनिवार्य है, जिससे उनके हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर ठीक से काम कर सकें।
  • कम्प्यूटर में हमेशा वायरस जैसी चीजों का खतरा रहता है, इन खतरों को कंप्यूटर खत्म भी कर सकता है।
  • कंप्यूटर को हमेसा बिजली से चलाया जाता है इसके अलावा हम किसी अन्य पर निर्भर नहीं रह सकते।

कंप्यूटर से फायदें एवं प्रयोग :

आजकल कंप्यूटर से बहुत सारे फायदें है, कम समय में ज्यादा और सटीक काम किया जाता है जिसके फायदें क्या हो सकते है इसके बारें में आपको जानना जरुरी है-

  • भंडारण के विभिन्न पद्धति के विकास और कम स्थान घेरने के कारण ये सूचनाओं का आदान-प्रदान के बेहतर माध्यम साबित हो रहे हैं।
  • मल्टीमीडिया के विकास और कंप्यूटर आधारित शिक्षा ने इसे विद्यार्थी के लिए उपयोगी बना दिया गया है।
  • कंप्यूटर की मदद से किसी भी स्थान से अन्य स्थान के रेलवे और वायुयान के टिकट किए जा सकते हैं और इसमें गलती की संभावना बिल्कुल ना के बराबर होती है।
  • कंप्यूटर के प्रयोग ने बैंकिंग क्षेत्र में क्रांति ला दी है। पेटीएम से ऑनलाइन बुकिंग और पासबुक एंट्री कंप्यूटर के प्रयोग से किया जाता है।
  • शरीर के अंदर के रोगों का पता लगाने के लिए, उनका विश्लेषण और निदान में कंप्यूटर का जिस तरह प्रयोग हो रहा है ये अविश्वसनीय है।
  • दूर – संचार आदि में कंप्यूटरों का उपयोग किया जाता है।
  • कंप्यूटर के तीव्र गणना क्षमता के कारण ही ग्रहो, उपग्रहो और अंतरिक्ष में सूक्ष्म अध्ययन कर सकते हैं।

कम्प्यूटर से लाभ :

  1. कंप्यूटर के कार्य करने की गति अत्यंत तीव्र होती है अतः मनुष्य द्वारा एक साल में पूरा किए जाने वाला कार्य कंप्यूटर की सहायता से कुछ ही मिनटों में किया जा सकता है।
  2. कम्प्यूटर देखा जाये तो आम गलतिया न के बरा- बर होती है, उसको सुधारा भी जा सकता है।
  3. कंप्यूटर हर बार समान गुणवत्ता से कार्य करता है अतः बार-बार एक ही कार्य करने के बाद भी उत्पाद की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ता है।  कंप्यूटर में कोई कार्य
  4. डांटा संग्रहण के इलेक्ट्रॉनिक विधियों के उपयोग से उनकी विशाल भंडारण क्षमता के कारण कंप्यूटर के प्रयोग से कागज की बचत संभव हो पाती है।
  5. यह कंप्यूटर के विस्तृत अनुप्रयोग का एक नकारात्मक प्रभाव है। एक कंप्यूटर द्वारा सैकड़ों लोगों का कार्य किया जाता है जिससे लोगों की जीविका पर प्रभाव पड़ता है।

कम्प्यूटर की पीढ़ीयाँ के बारे में जानें :

शुरुआती दौर में लगभग 1945 में प्रथम पीढ़ी का जन्म हुआ, उस समय कंप्यूटर दिखने में काफी बड़े व् भारी भरकम हुआ करते थे, समय के साथ बदलाव हुए और आज पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर चल रहें है जो दिखने में हलके व् 5G नेट चलने में सक्षम है। चलिए जानते है 1945 से अभी तक कितने प्रकार के कंप्यूटर पीढ़ीयाँ हो चुकी है –

  • प्रथम पीढ़ी    –  1940 से 1956
  • दूसरी पीढ़ी   –  1956 से  1963
  • तीसरी पीढ़ी  –  1964 से 1971
  • चौथी पीढ़ी    –  1971 से वर्तमान
  • पांचवी पीढ़ी  –  वर्तमान में चल रहें है

कंप्यूटर सिखने के लिए कौन सा कोर्स करें ?

यदि आप कम्प्यूटर सीखकर अपना भविष्य कंप्यूटर क्षेत्र में देना चाहते है तो आपको कंप्यूटर से कोर्स करना चाहिए जिससे आप कंप्यूटर में एक्सपर्ट बन सकें, Computer में वह कौन सा कोर्स है जिसे करने के बाद भविष्य को उज्जवल बना सकते है –

डीटीपी कंप्यूटर कोर्स :

  • यह कोर्स 6 महीने का होता है।
  • जिसका पूरा नाम है डेस्कटॉप पब्लिशिंग है।
  • इस कोर्स में विभिन्न प्रकार के बैनर, पुस्तक कार्ड बनाना सिखाया जाता है साथ में कंप्यूटर की बेसिक भी सिखाई जाती है।

टैली कंप्यूटर कोर्स :

  • यह कोर्स 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के अंतर्गत होता है।
  • Computer के क्षेत्र में अगर आप कोई ऐसा कुछ करना चाहते हैं जिसमें लाखों करोड़ों रुपए का हिसाब करना हो तो यह कोर्स करना जरुरी है। यह कोर्स करने से एकाउंटिंग लाइन में मदत मिल सकती है।

वेब डिजाइन कंप्यूटर कोर्स :

  • यह कोर्स 3 महीने 6 महीने और 1 साल का होता है।
  • इसमें वेबसाइट को डिजाइन करना सिखाया जाता है।
  • इस कोर्स में कैंडिडेट को कोडिंग लैंग्वेज का प्रयोग करना सिखाया जाता है।

एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया कंप्यूटर कोर्स :

  • यह को 6 महीने से लेकर 1 साल का होता है।
  • अधिकतर युवा इसे करना पसंद करते हैं।
  • इसमें एनिमेटेड वीडियो बनाना सिखाया जाता है।

डिजिटल मार्केटिंग कंप्यूटर कोर्स :

  • यह 1 साल का कोर्स होता है।
  • डिजिटल मार्केटिंग कोर्स ने कैबिनेट को ऑनलाइन मार्केट सोशल मीडिया मार्केट आदि के बारे में ट्रेनिंग दी जाती है।

कम्प्यूटर कैसे सीखें ?

Computer सीखने में आपको एक बात ध्यान में रखना है जितना भी इसमें लिखा हुआ है उसे आपको प्रैक्टिस में भी प्रयोग करना चाहियें तभी आप एक एक्सपर्ट Computer ऑपरेटर बन सकते है।

कंप्यूटर को स्टार्ट और ऑन करना सीखें :

कंप्यूटर ऑन – ऑफ करने के लिए सबसे पहले कंप्यूटर शीट पर बैठे इसके बाद नींचे दिए हुए स्टेप को फॉलो करें –

  • सबसे पहले चेक करें कि कीबोर्ड माउस, मॉनिटर कैबिनेट से जुड़ा है या नहीं और यह भी चेक कर लें कि कैबिनेट और मॉनिटर की पावर केबल यूपीएस से लगा है या नहीं।
  • अब कैबिनेट ( CPU )  के फॉरवर्ड हिस्से में पावर बटन को एक बार दवा कर छोड़ दे। Computer स्टार्ट हो जाएगा और साथ ही कीबोर्ड और माउस की लाइट भी जलने लगेगी।
  • अब मॉनिटर का ऑन बटन दबायें फिर ग्रीन लाइट जलने लगी।
  • कुछ सेकेंड इंतजार करने के बाद विंडो खुल जायेगा फिर आपके सामने डेस्कटॉप की स्क्रीन खुल जायेगा।

फिर आप कंप्यूटर पर अपना काम कर सकते है जैसे :-

Start menu 

आपके बाएं हाथ की तरफ नीचे जो विंडोस का आईकोन बना है इसे स्टार्ट मैन्यू कहा जाता है। इस बटन को क्लिक करने पर आपने जो भी प्रोग्राम इंस्टॉल किए हुए हैं उन्हें खोल कर देख सकते हैं।

Task bar

कंप्यूटर के सबसे नीचे मेनूबार दिखाई दे रहा है इसे टैक्स बार कहते हैं। इसमें लगातार इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोग्राम को पिन किया जाता है ताकि उन्हें तुरंत से खोला जा सके।

System tray

कंप्यूटर में बाई तरफ सिस्टम ट्रे टैक्स बार होता है।

किसी प्रकार का नोटिफिकेशन यहाँ पर नजर आता है तथा इसमें प्रोग्राम के आइकॉन को जोड़ या हटा भी सकते हैं।

कंप्यूटर में प्रोग्राम ओपन कैसे करते है ?

किसी प्रोग्राम या फोल्डर को ओपन करने के लिए स्टार्ट मेन्यू पर जाएं और माउस पॉइंट को उस फोल्डर पर ले जाएं। अब माउस कर्सर बटन को डबल क्लिक करें और आप का फोल्डर प्रोग्राम खुल जाएगा।

रिफ्रेश कैसे करते हैं ?

रिफ्रेश करने के लिए डेस्कटॉप पर राइट क्लिक करें और रिफ्रेश के ऑप्शन पर क्लिक करें तो आपका Computer रिफ्रेश हो जाएगा इसका इस्तेमाल डेस्कटॉप स्क्रीन को रीलोड के लिए किया जाता है। ताकि कंप्यूटर हेंग या स्लो न हो सकें।

फाइल या फोल्डर को मैक्सिमम या मिनीमाइज, क्लोज कैसे करें ?

जब कोई प्रोग्राम या फाइल खोलते है तो दायें हाथ की तरफ आपको तीन मैक्सिमम, मिनीमाइज या क्लोज का ऑप्शन दिखाई देते हैं।

मिनीमाइज इस पर क्लिक कर खुली हुई विंडो के नीचे दिया जा सकता है ताकि आप कोई दूसरा काम कर सके।

इसे नीचे करने पर प्रोग्राम या जो फाइल है उसकी विंडो बंद नहीं होती बल्कि टैक्स बार होता है उसमें सिर्फ हो जाती है और उस पर दुबारा क्लिक करके उसे खोला जा सकता है।

मैक्सिमम – इस पर क्लिक करने पर खुली हुई किसी फाइल या फोल्डर प्रोग्राम आदि विंडो को छोटा कर सकते है फिर उस पर क्लिक किया जाए तो विंडो फिर से उसी साइज मे आ जाता है।

क्लोज इस पर क्लिक करने पर कोई भी खुली फाइल ,फोल्डर, प्रोग्राम बंद हो जाती है

कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट वर्ड ओपन कैसे करते हैं ?

सबसे पहले आपको विंडो बटन को क्लिक करना फिर आप सर्च बटन पर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड टाइप करें ऐसा करने पर माइक्रोसॉफ्ट का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा इस पर क्लिक करने पर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड खुल जाएगा

कंप्यूटर में गूगल कैसे चलायें ?

यदि आपका Computer पहले से ही इंटरनेट से जुड़ा हुआ है तब आपको इंटरनेट ओपन करने के लिए क्रोम ब्राउज़र, मोज़िला ब्राउज़र या इंटरनेट एक्सप्लोज़र का प्रयोग करना चाहिए।

इनमे से किसी पर भी सर्च बटन पर गूगल टाइप करें।

फिर आपके सामने गूगल का ऑप्शन आएगा इस पर क्लिक करके गूगल ब्राउज़र चला सकते हैं।

ध्यान दें इसके लिए आपके पास Internet की सुविधा होनी चाहिए।

इन्हे भी पढ़ें :

अंतिम शब्द :

आशा करता हूँ की आपको Computer क्या है जानकारी सही लगी होगी।

यदि सही लगे तो अपने दोस्तों में शेयर जरूर करें।

कंप्यूटर से सम्बंधित कोई प्रश्न है तो हमें कमेंट करें।

admin

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम शिव है और Help Guide India ब्लॉग पर आपका स्वागत है यहाँ पर आपको Employee Help, Study, Internet, Technical, Computer नॉलेज से सम्बन्धित सभी जानकारी हिंदी भाषा मिलेंगी, Help Guide India वेबसाइट का एक ही मकसद है आपकी मदत करने में आपकी मदत करता है इसलिए इस Hindi Blog से जुड़े रहने के लिए हमें फेसबुक व् इंस्टाग्राम में फॉलो करें ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top