प्लास्टिक और कागज के थैले का महत्व,फायदे व् नुकसान

प्लास्टिक और कागज

प्लास्टिक तथा कागज के बने थैले जो वस्तु को संग्रहि और एक स्थान से दूसरे स्थान में ले जाने और रख-रखाव में उपयोग किया जाता है।

यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में अधिक उपयोगी होते हैं जैसे की यह भ्रमण के समय में अधिक उपयोगी माने जाते हैं।

क्योंकि वस्तुओं को ढ़ोने मैं प्लास्टिक या कागज थैले सहायक होते हैं।

प्लास्टिक थैली का अविष्कार :

इसका का आविष्कार अमेरिका के वैज्ञानिक लियो वेकलेंड ने किया था जो कि 1907 मैं हुआ था उन्होंने इसका नाम बैकलाइट दिया था प्लास्टिक थैली का इस्तेमाल सामान को महफूज रखने और रख-रखाब करने के लिए होता था।

प्लास्टिक थैले के फायदे :

अगर हम प्लास्टिक थैली के फायदे के बारे में बात करें तो इसके विभिन्न प्रकार के फायदे होते हैं।

  •  प्लास्टिक से बने बैग और अन्य पदार्थो से बने बैग जैसे कपड़े की और कागज से बने बैग की तुलना में अधिक सस्ते होते हैं।
  •  इसका रखरखाव अन्य पदार्थ की बैग के रखरखाव की तुलना में अधिक आसान होता है जोकि अधिक आरामदायक होता है।
  •  यह ज्यादातर व्यापारी के लिए दो प्रकार सेअधिक उपयोगी होती है या सामान के रखरखाव के लिए हो या सामान को बेचना हो यह दोनों में उपयोगी होते हैं।
  • तथा इसका कम लागत में निर्माण किया जा सकता है जो अधिक लाभकारी होता है।
  • इसके तहत तीसरी श्रेणी में आने वाले लोगों को रोजगार प्राप्ति होती है जो मनुष्य को रोजगार के अवसर प्रदान करती है
  • यहाँ तक आप किसी भी भीगने वाले सामान को प्लास्टिक की थैली से बचा सकते हैं जैसे मोबाइल, दस्तावेज, खाना इत्यादि।

प्लास्टिक बैग के नुकसान :

  • प्लास्टिक से बने बैग में ज्यादा दिन तक खाने वाले पदार्थ रखने पर खाने में दुर्गंध आने लगती है।
  • अगर आप देखेंगे कि यह किसी भी नाले और नालियों को अवरुद्ध बना देती है इसका कारण यह भी है की यह अघूलनशील पदार्थ से बनी होती है।
  • इसका बहिष्कार करने पर उसमें से निकलने वाले प्रदूषित पदार्थ और गैस वातावरण और मनुष्य के लिए हानिकारक होता है।
  • जिस प्रकार से इसका अधिक उपयोग किया जाता है वह हानिकारक हो सकता है।
  • मनुष्य द्वारा फेंके गए प्लास्टिक बैग के साथ अवशिष्ट जैसे खराब खाना और फल सब्जी जो की पशु पक्षियों के लिए हानिकारक होता है उनके द्वारा खाए जाने पर वह उन्हें क्षती पहुंचाता है जिससे कारण उनके प्राण संकट मैं पड़ जाते हैं।

प्लास्टिक बैग से बचाव:

प्लास्टिक बैग से बचने के लिए हमें विभिन्न प्रकार के कदम उठाने चाहिए।

जिससे वातावरण पशु पक्षी और भूमि जल प्रदूषण इत्यादि संकटों से निपटा जा सके, प्लास्टिक का उत्पादन कम से कम किया जाना चाहिए।

और लोगों को प्लास्टिक के इस्तेमाल करने से होने वाली हानियों के बारे में जागरूक तथा सरकार से निवेदन करें प्लास्टिक के इस्तेमाल करने का कानून बनाएं।

जिससे प्लास्टिक का इस्तेमाल ना किया जाए तथा जो व्यक्ति यह कानूनी का बहिष्कार करता है उसे दंड दिया जाए।

भारत में प्लास्टिक :

भारत में प्लास्टिक बैग के फैक्ट्री जोकि भारत के अधिक संसाधनों को प्रदूषित करती है जैसे प्लास्टिक बैग बनाने के पश्चात शेष अपशिष्ट पदार्थ नाली और नालों में विसर्जित कर दिया जाता है जिससे हमारे पेयजल और नदी को अधिक प्रदूषित बनाता है।

इन्हें इस्तेमाल करने के पश्चात होने वाली बीमारियां जोकि लंबे समय तक सीमित रहती हैं वहाँ मनुष्य के स्वास्थ्य को अधिक से अधिक असर करती हैं तथा उसके उपरांत निकलने वाला मल जोकि गैस रूपी वातावरण को प्रदूषित करता।

पेपर बैग :

सर्वप्रथम पेपर बैग के मशीन का निर्माण फ्रांसीस बोले जोकि अमेरिका के वैज्ञानिक थे उन्होंने सन 1842 में पहेली पेपर बेग पेटेंट का निर्माण करने का श्रेय दिया गया था।

इनके उपरांत एक और वैज्ञानिक जिनका नाम मार्गेट ई. नाईट था इन्होंने एक और मशीन का निर्माण किया जो कि सन 1871 में फ्लैट बॉटम पेपर बैग का उत्पादन कर सकती है यहां अत्यधिक प्रसिद्ध हुई |

पेपर बैग के लाभ:

  • प्लास्टिक की तुलना में पेपर बैग का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए अधिक लाभदायक हैं।
  • पेपर बैग मैं सामान को संग्रहित करने के बाद आपके व्यक्तित्व पर अच्छा असर डालती है।
  • तथा या घुलनशील पदार्थ है और यह किसी भी जीव को नुकसान नहीं पहुंचाती।
  • इनका पुन्हा नवीकरण किया जा सकता है जबकि अधिक लाभदायक है और आसान है।
  • इससे रोजगार के अवसर की प्राप्ति होती है।

पेपर बैग के नुकसान :

  • पेपर बैग बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ों को काटना जाता है।
  • ये अधिक महंगे होते हैं।
  • पेपर बैग ज्यादा मजबूत नहीं होता है।
  • पेपर बैग को बनाने में ज़्यादा लागत लगाती हैं।

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अंतिम शब्द :

आशा करता हूँ की आपको प्लास्टिक और कागज के थैले का महत्व की जानकारी सही लगी होगी।

सही लगे तो अपने दोस्तों को भेजें।

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