Print Media

Print Media क्या है, उत्पत्ति, विकास एवं आगमन

Print Media एक ऐसा साधन है जिसके तहत किसी भी प्रकार की सूचनायें विस्तृत की जाती हैं जो कि लिखित रूप से होती हैं। सूचनाओं को विभिन्न प्रकार के माध्यम से विस्तृत किया जाना ही प्रिंट मीडिया या समाचार पत्र तथा पत्रिका आदि कहलाता है।

प्रिंट मीडिया ने भारत को स्वतंत्रता प्रधान करने में और उसे चलाने के लिए संविधान बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी जैसे-

  • चौरी चौरा, सत्याग्रह आदि जैसे आंदोलनों को भारत की जनता को विस्तृत करने में अपनी भूमिका निभाई।
  • आजादी के लिए की जा रही प्रतिक्रियाएं को जनता को सूचित किया है जाता था।
  • प्रिंट मीडिया के माध्यम से भारत में विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर प्राप्त है।
  • प्रिंट मीडिया में प्रचलित कुछ लोक दैनिक समाचार पत्र
  1. दैनिक जागरण
  2. भारत टाइम्
  3. अमर उजाला इत्यादि।

हिंदुस्तान जैसे कई प्रचलित समाचार पत्र हैं जो की प्रिंट मीडिया में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं जिनके माध्यम से किसी भी सूचना को जनता तक पहुँचायें जा सकता है।

Print Media का विकास :

अमेरिका में प्रिंट मीडिया देर से आया लेकिन इसके बावजूद भी अमेरिका में प्रिंट मीडिया का विकास बहुत ही तेजी से होने लगा।

प्रिंट मीडिया का विकास और भी अधिक तेजी से इसलिए हुआ क्योंकि विश्वयुद्ध के दौरान दूसरे देशों को अपने पक्ष में करने के लिए और उसके दौरान हो रहे क्षति की सूचना को देने के लिए अनेक देशों को प्रिंट मीडिया का सहारा लेना पड़ा।

2008 में एक पुस्तक लिखी गई जोकि जेफ्फ गोमेज़ ने लिखी जिसका नाम प्रिंट इस डेड था इसमें उनके विचारों के अनुसार प्रिंट मीडिया के लुप्त होने की संभावना जताई थी।

इनके अलावा एक और व्यक्ति जिनका नाम रोस डावसन उनका मानना था कि प्रिंट मीडिया किस प्रकार विलुप्त हो जाएगी उन्होंने इसका एक चार्ट रूपी चित्र बनाया उनके अनुसार उसमें 2017 से लेकर 2040 तक अमेरिका जैसे संयुक्त देश और विश्व से समाचार पत्र विलुप्त हो जाएंगे।

प्रिंट मीडिया का आगमन :

प्रिंट मीडिया अनेक सालों से प्रचलित है पहला आविष्कार जिसने प्रिंट मीडिया को प्रक्षेपण मैं भूमिका निभाई वह लगभग 1440 जोहंस गुटेनबर्ग द्वारा प्रिंट प्रेस था और 600 वर्षों में प्रिंट मीडिया सूचना समाचार के रूप में विस्तृत हुआ।

हालांकि भारत में छपी पहली पुस्तक 1578 मैं कृष्णा थी।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1674 मैं मुंबई में प्रिंट प्रेस की स्थापना की इस प्रकार धीरे-धीरे प्रिंट प्रेस भारत के सभी राज्यों में विस्तृत हो गया।

भारत में मीडिया का विकास :

भारत मैं 19 फ़ीसदी मैं आए औपनिवेशिक हुकूमत के तहत भारत की रूपरेखा में बदलाव और फैली अशांति जो भारत के लिए चुनौती के सामान थी उसी उपरांत प्रिंट मीडिया को दो स्तंभों मैं बांट दिया एक वह जो औपनिवेशवादी और दूसरे वह भारत के महापुरुष जो आजादी को प्राप्ति के लिए लोहा ले रहे थे।

विश्व भर में लोहा लेने वाले क्रांतिकारी और भारत के आंदोलन और अभियान में मुख्य भूमिका निभाई।

प्रिंट मीडिया का पतन :

आगर आप देखेंगे तो इस समय ज्यादा तर सोशल मीडिया का उपयोग किया जाता हे।

जिस कारण सब कुछ ऑनलाइन के ज़रिये किया जाता है।

या फिर वह किसी भी प्रकार का कार्य हो जिससे पता लगाया जाता हे कि प्रिंट मिडिया का पतन विभिन्न भागो में होता जा रहा हे जो की हस्त लेखन के लिए अधिक हानिकारक हो सकता है।

जिस प्रकार अन्य मिडिया का उपयोग किया जा रहा हैं जिस कारण आज की और आने वाली पीढ़ी को रोजगार का सामना करना पड़ सकता हे जिससे लोगो को वार्तालाप करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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अंतिम शब्द :

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